- 14 July, 2026
बारासात, पश्चिम बंगाल, 14 जुलाई, 2026: एफएमए (सेल्सियन सिस्टर्स) और ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन के अनुसार, 12 जुलाई को लगभग 60 लोगों का एक समूह बारासात स्थित ऑक्सिलियम सेल्सियन सिस्टर्स परिसर में घुस आया और वहाँ निर्माणाधीन स्मारक प्रार्थनालय तथा कब्रिस्तान को तुरंत ध्वस्त करने की धमकी देते हुए धर्मबहनों को हिंसा की चेतावनी दी।
एफएमए सिस्टर्स ने बताया कि यह कब्रिस्तान उनकी धर्मसंघ की सदस्याओं के लिए बनाया जा रहा है और निर्माण कार्य शुरू होने से पहले इसके लिए सभी आवश्यक सरकारी अनुमतियाँ पूर्व राज्य सरकार के कार्यकाल में प्राप्त कर ली गई थीं। उनका कहना है कि राज्य में सरकार बदलने के बाद इस परियोजना पर आपत्तियाँ उठाई जाने लगीं और यह विरोध-प्रदर्शनों का केंद्र बन गई।
घटना के बाद जारी एक बयान में ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन ने कॉन्वेंट पर हुए इस कथित भीड़ हमले की कड़ी निंदा की। संगठन ने आरोप लगाया कि धर्मबहनों को डराया-धमकाया गया और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन के अनुसार, भीड़ में शामिल लोगों ने धर्मबहनों से कहा, "अब आपकी सरकार नहीं रही, अब हमारी सरकार है," जिसे संगठन ने कानूनी प्रक्रिया को धमकी के बल पर दरकिनार करने का प्रयास बताया।
ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन ने यह भी दावा किया कि यह घटना पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में ईसाई संस्थानों के विरुद्ध कथित उत्पीड़न की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है। संगठन का कहना है कि इस घटना ने अल्पसंख्यक समुदायों के अपने धर्म का पालन करने तथा अपने धार्मिक संस्थानों और संपत्तियों के प्रबंधन के संवैधानिक अधिकारों को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न की हैं।
तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए यूनियन ने पश्चिम बंगाल सरकार से सेल्सियन सिस्टर्स और उनके संस्थानों को सुरक्षा प्रदान करने, विधिवत स्वीकृत कब्रिस्तान और स्मारक प्रार्थनालय की रक्षा सुनिश्चित करने तथा कथित धमकियों के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की अपील की। संगठन ने स्थानीय प्रशासन से ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की भी मांग की।
ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन ने अपने बयान में कहा, "पूजा करने का अधिकार तथा पूजा स्थलों का संरक्षण और रखरखाव करने का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार हैं। किसी भी व्यक्ति या संगठन को यह अधिकार नहीं है कि वह धर्मबहनों को धमकाए या विधिवत कानूनी अनुमति से निर्मित संरचनाओं को गिराने के लिए बाध्य करे।"
संगठन ने राज्य सरकार से शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि इस मामले में निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो इससे अल्पसंख्यक समुदायों के विरुद्ध भविष्य में ऐसे हमलों को बढ़ावा मिल सकता है। ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार निगरानी रखेगा और आवश्यकता पड़ने पर धर्मबहनों तथा उनके संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी उपाय भी करेगा।
समाचार प्रकाशित किए जाने तक पश्चिम बंगाल सरकार या स्थानीय पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
कैथोलिक कनेक्ट रिपोर्टर
अनुवाद: सिस्टर एम. अल्फोंसा ग्रेशियन, एसआरए
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