- 03 August, 2026
मेडजुगोर्ये, बोस्निया और हर्जेगोविना, 30 जुलाई 2026: मेडजुगोर्ये पल्ली ने प्रार्थना स्थलों पर हुई तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की है। इस घटना में माता मरियम की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया तथा सेंट जेम्स चर्च की बाहरी वेदी में आग लगा दी गई। पल्ली ने विश्वासियों से आग्रह किया है कि वे क्रोध या प्रतिशोध के बजाय प्रार्थना, उपवास और क्षमा का मार्ग अपनाएँ।
पल्ली कार्यालय ने मंगलवार को जारी अपने बयान में कहा, "हमें इस तोड़फोड़ की घटना का समाचार अत्यंत दुःख के साथ प्राप्त हुआ।"
ये घटनाएँ रात के समय हुईं, जिसके बाद प्रभावित स्थानों की तत्काल सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया। पल्ली ने उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने क्षति की मरम्मत में सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से यह तीर्थस्थल फिर से "ईश्वर से मिलने का स्थान और शांति का केंद्र" बना रहेगा।
मेडजुगोर्ये का तीर्थस्थल एक प्रमुख तीर्थ है, जहाँ धन्य कुँवारी मरियम को "शांति की रानी" के रूप में सम्मानित किया जाता है।
पल्ली ने विश्वासियों से अपील की कि वे इस घटना का उत्तर प्रतिशोध से न दें, बल्कि दोषियों के लिए प्रार्थना करें।
बयान में कहा गया, "हम उन लोगों के हृदय परिवर्तन के लिए प्रार्थना करते हैं, जिन्होंने यह कार्य किया। हम परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह अपनी कृपा से उनके हृदय को स्पर्श करें और उन्हें भलाई के मार्ग पर ले आएँ।"
पल्ली ने प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में शांति स्थापित होने की प्रार्थना करते हुए कैथोलिक विश्वासियों से आग्रह किया कि वे "बुराई का उत्तर बुराई से न दें," बल्कि अपने जीवन के द्वारा प्रेम, क्षमा और आशा की गवाही दें।
रिपोर्टों के अनुसार, बोस्निया और हर्जेगोविना की पुलिस को सुबह लगभग 4:30 बजे पहली सूचना मिली कि अपैरिशन हिल (पोडब्रदो) पर स्थित माता मरियम की प्रतिमा के चेहरे और हाथों पर काला रंग पोत दिया गया है। वहीं आसपास आपत्तिजनक संदेश भी पाए गए।
लगभग 30 मिनट बाद, पुलिस को सेंट जेम्स चर्च की बाहरी वेदी में आग लगने की सूचना मिली। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में कथित रूप से एक व्यक्ति वेदी पर पेट्रोल समझे जाने वाले तरल पदार्थ डालकर उसमें आग लगाते हुए दिखाई दिया। आग पर शीघ्र ही काबू पा लिया गया।
बताया गया कि घटनास्थल पर पोलिश भाषा में लिखा एक बैनर भी मिला, जिसमें वर्ष 1981 से कथित मरियम-दर्शन से जुड़े छह व्यक्तियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था।
बाद में पुलिस ने ल्युबुश्की क्षेत्र से एक व्यक्ति को इन घटनाओं में संलिप्त होने के संदेह में गिरफ्तार किया। हालांकि, अधिकारियों ने उसकी पहचान, राष्ट्रीयता या अन्य व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि इन घटनाओं के पीछे के उद्देश्य का पता लगाया जा सके और यह स्पष्ट हो सके कि गिरफ्तार व्यक्ति सभी घटनाओं में शामिल था या नहीं।
तोड़फोड़ की इस घटना के बावजूद, पल्ली ने स्पष्ट किया कि तीर्थस्थल श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खुला है और वहाँ प्रार्थना एवं धार्मिक कार्यक्रम पहले की तरह नियमित रूप से जारी रहेंगे। क्षतिग्रस्त स्थानों की मरम्मत का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।
सितंबर 2024 में विश्वास के सिद्धांत संबंधी डिकैस्टरी ने, पोप फ्राँसिस की स्वीकृति के साथ, मेडजुगोर्ये से जुड़े आध्यात्मिक अनुभवों के संबंध में "निहिल ऑब्स्टाट" जारी किया था। इस निर्णय में तीर्थस्थल से जुड़े सकारात्मक आध्यात्मिक फलों को मान्यता दी गई और सार्वजनिक भक्ति की अनुमति दी गई, हालांकि कथित मरियम-दर्शनों के अलौकिक स्वरूप के संबंध में कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई।
सौजन्य: वेटिकन न्यूज़
अनुवाद : शिवराज बारा
© 2026 CATHOLIC CONNECT POWERED BY ATCONLINE LLP