- 24 July, 2026
नई दिल्ली, 24 जुलाई, 2026: कॉन्फ्रेंस ऑफ कैथोलिक बिशप्स ऑफ इंडिया (सीसीबीआई) ने जंतर मंतर पर एकत्रित हुए उन छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त की, जिन्होंने उच्च शिक्षा और छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएँ उठाईं।
सीसीबीआई का प्रतिनिधित्व करते हुए, सीसीबीआई फैमिली कमीशन के एसोसिएट सेक्रेटरी तथा प्रो-लाइफ मिनिस्ट्री के विशेष प्रभारी अजिन जोसेफ ने 23 जुलाई को इस कार्यक्रम में भाग लिया और एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने भारत में शिक्षा के क्षेत्र में कैथोलिक चर्च के दीर्घकालिक योगदान पर प्रकाश डाला।
अपने संदेश में जोसेफ ने देश के शैक्षिक विकास में चर्च की ऐतिहासिक भूमिका को याद करते हुए कहा कि कैथोलिक संस्थानों ने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के माध्यम से भारत की कई पीढ़ियों की सेवा की है। उन्होंने कहा कि चर्च जाति, पंथ या धर्म की परवाह किए बिना सभी लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान निरंतर देता आ रहा है।
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20 जुलाई को लगभग 500 कैथोलिक युवा छात्र लामबंदी में शामिल हुए। इस पहल का नेतृत्व कैथोलिक युवा नेताओं सैंड्रा तिर्की, आर्चिट तिरु और डेनिस मिंज ने किया, जिन्होंने "संसद चलो" मार्च का समन्वय किया। आईसीवाईएम , एमसीवाईएम, एसएमवाईएम और वाईयू4सी दिल्ली सहित कैथोलिक युवा संगठनों ने युवाओं को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित कर इस पहल का समर्थन किया।
जेसुइट, रिडेम्प्टोरिस्ट और विभिन्न धर्मप्रांतों के पुरोहितों के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के पुरोहित, अनेक धर्मबहनें और धर्मबंधु भी उपस्थित थे। इनमें से कई पिछले एक महीने से अधिक समय से छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ खड़े हैं और उनका सहयोग कर रहे हैं।
जोसेफ ने युवाओं को नागरिक जीवन में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया और बिशपों, पुरोहितों, धर्मसमर्पितों तथा आम विश्वासी नेताओं से आह्वान किया कि वे युवाओं को सार्वजनिक हित के लिए प्रतिबद्ध जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना जारी रखें।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों द्वारा उठाई गई चिंताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने नीट परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर शिक्षा मंत्रालय से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के लिए न्याय की अपील की तथा इस संकट से जुड़ी बताई जा रही युवाओं की मौतों पर भी चिंता व्यक्त की।
प्रदर्शन में कैथोलिक युवाओं, पुरोहितों और धर्मसमर्पितों की भागीदारी ने युवाओं के साथ चलने, न्याय को बढ़ावा देने, मानवीय गरिमा को बनाए रखने तथा छात्रों और राष्ट्र के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के प्रति चर्च की प्रतिबद्धता को दर्शाया।
— कैथोलिक कनेक्ट संवाददाता
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