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सीबीसीआई ने दिल्ली में ‘संसद मार्च’ के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की निंदा की

नई दिल्ली, 21 जुलाई 2026:

कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) ने दिल्ली में 'संसद मार्च' के दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की है।


मंगलवार को जारी एक बयान में सीबीसीआई ने कहा कि वह प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई से "बहुत दुखी" है और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वालों के खिलाफ बल प्रयोग को गंभीर चिंता का विषय बताया।


सीबीसीआई के अनुसार, छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे थे। उनकी मांगें उचित हैं और उन्हें बातचीत तथा लोकतांत्रिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए, न कि बल प्रयोग करके।


बयान में कहा गया, "सीबीसीआई उन सभी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है, जिन्होंने इस कठोर कार्रवाई का सामना किया।" संगठन ने एक पारदर्शी और न्यायपूर्ण शिक्षा व्यवस्था की मांग का भी समर्थन किया।


सीबीसीआई ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के प्रति भी अपना समर्थन जताया। बयान में कहा गया कि वे शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं। उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किए जाने पर संगठन ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की।


संगठन ने सरकार से अपील की कि वह सोनम वांगचुक की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करे और जनता की समस्याओं का समाधान दमन के बजाय संवाद के माध्यम से निकाले।


सीबीसीआई ने सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ सार्थक बातचीत शुरू करने की अपील की। साथ ही कहा कि नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।


यह बयान ऐसे समय में आया है, जब शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांगों तथा विरोध-प्रदर्शनों और असहमति से निपटने के अधिकारियों के तरीकों को लेकर सार्वजनिक बहस बढ़ रही है।


भारत के कैथोलिक बिशपों की सर्वोच्च संस्था सीबीसीआई ने कहा कि सरकार को लोगों की चिंताओं का समाधान लोकतांत्रिक प्रक्रिया और बातचीत के माध्यम से करना चाहिए, न कि बल प्रयोग से।


कैथोलिक कनेक्ट रिपोर्टर द्वारा

फोटो साभार: मनीष स्वरूप/एपी

अनुवाद : शिवराज बारा

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