- 22 July, 2026
मुंबई, 16 जुलाई 2026: जून और जुलाई के दौरान महाराष्ट्र और गोवा में सिस्टर बेट्टी मेनेज़ेस द्वारा आयोजित सेल्सियन प्रशिक्षण एवं प्रेरणा कार्यक्रमों ने सैकड़ों विद्यार्थियों, शिक्षकों और छात्रावास के छात्रों को विश्वास, जिम्मेदार नेतृत्व और डिजिटल दुनिया के नैतिक उपयोग के लिए प्रेरित किया।
ये कार्यक्रम मुंबई के ऑक्सिलियम स्कूल अहमदनगर, ऑक्सिलियम स्कूल गोवा , बेनाउलिम स्थित ऑक्सिलियम स्कूल तथा सुलकोर्ना बोर्डिंग में आयोजित किए गए। इनमें आध्यात्मिक शिक्षा के साथ-साथ मीडिया साक्षरता, पर्यावरण की देखभाल और मिल-जुलकर नेतृत्व करने की शिक्षा भी दी गई। सेल्सियन परंपरा पर आधारित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को ऐसा बनाना था जो आज के समाज में सुसमाचार के मूल्यों को अपने जीवन से प्रकट कर सकें।
इन सत्रों की प्रेरणा सेल्सियन रेक्टर मेजर डॉन फैबियो अटार्ड, एसडीबी के स्ट्रेन्ना 2026 के संदेश "वह जो कहे, वही करो" से ली गई। इस संदेश के माध्यम से युवाओं को अपने जीवन का केंद्र मसीह को बनाने तथा सेवा, जिम्मेदारी और आशा के साथ परमेश्वर की बुलाहट का उत्तर देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण भाग युवा पास्टोरल प्रोजेक्ट था, जो पोप लियो चौदहवें की शिक्षाओं से प्रेरित था। बाबेल और यरूशलेम की बाईबल घटनाओं पर विचार करते हुए सिस्टर बेट्टी ने बताया कि घमंड, स्वार्थ और विभाजन समाज को कमजोर करते हैं, जबकि एकता, नम्रता, सहयोग और साझा नेतृत्व मजबूत मसीही समुदाय का निर्माण करते हैं।
चर्च की समग्र मानव विकास की शिक्षा के अनुसार कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। युवाओं को अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे कार्यों के माध्यम से प्रकृति की रक्षा करने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का एक अन्य महत्वपूर्ण विषय मीडिया शिक्षा था। प्रतिभागियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऐ आई उपकरणों, फोटोग्राफी और डिजिटल संचार के अवसरों और चुनौतियों को समझा। साथ ही यह भी सिखाया कि तकनीक का उपयोग हमेशा नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। सिस्टर बेट्टी ने कहा कि तकनीक कितनी भी विकसित हो जाए, मानव बुद्धि, करुणा और नैतिक मूल्य हमेशा सबसे महत्वपूर्ण रहेंगे।
प्रतिभागियों को सेल्सियन सोशल कम्युनिकेशन सेक्टर के कार्यों से भी परिचित कराया गया। उन्हें मीडिया समन्वयकों की भूमिका तथा शिक्षा और सुसमाचार प्रचार में मीडिया के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
पूरे कार्यक्रम को रोचक और सहभागितापूर्ण बनाया गया। इसमें कार्यशालाएँ, समूह चर्चा, चित्रकला, रचनात्मक गतिविधियाँ और प्रोजेक्ट प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। वडाला, अहमदनगर और बेनाउलिम के विद्यार्थियों ने अपने स्कूल प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जिनमें उन्होंने सम्मान, सहयोग, समावेशिता और सेवा की भावना पर आधारित विद्यालय समुदाय बनाने के सुझाव दिए।
इसी प्रकार सुलकोर्ना बोर्डिंग के विद्यार्थियों ने अपना बोर्डिंग प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया, जिसमें भाईचारा, अनुशासन, जिम्मेदारी और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ साझा की गईं।
महाराष्ट्र और गोवा में सभी कार्यक्रम पूरे करने के बाद सिस्टर बेट्टी मुंबई लौट आईं। यह पहल युवाओं के समग्र विकास के लिए सेल्सियन मिशन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसका उद्देश्य युवाओं को मसीह का सच्चा शिष्य, जिम्मेदार डिजिटल नागरिक और दयालु नेता बनाना है, जो चर्च और समाज में आशा, न्याय और एकता का संदेश फैलाएँ।
विश्वास, मीडिया शिक्षा, पर्यावरण जागरूकता और नेतृत्व विकास को एक साथ जोड़कर इन कार्यक्रमों ने युवाओं को मसीही जीवन का समग्र दृष्टिकोण प्रदान किया, ताकि वे डिजिटल युग में आत्मविश्वास और रचनात्मकता के साथ सुसमाचार के मूल्यों को अपने जीवन में जी सकें।
— सेल्सियन सिस्टर्स ऑफ डॉन बॉस्को
संत मारिया माज़ारेलो, बॉम्बे (आई एन बी )
अनुवाद : शिवराज बारा
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