- 18 August, 2026
चेन्नई, 10 अगस्त 2026: देश के 5वें राष्ट्रीय जीवन मार्च में 5,000 से अधिक लोग यहां स्टेला मारिस कॉलेज में एकत्र हुए और मानवीय गरिमा के प्रति अधिक सम्मान तथा गर्भाधान से ही मानव जीवन की रक्षा का आह्वान किया।
8 और 9 अगस्त को आयोजित दो दिवसीय जीवन-समर्थक पहल की मेजबानी मद्रास-मायलापुर महाधर्मप्रांत ने की और इसका आयोजन भारत के कैथोलिक धर्माध्यक्षों के सम्मेलन (सीबीसीआई) के तहत चारिस इंडिया ने कई जीवन-समर्थक आंदोलनों और संगठनों के सहयोग से किया। इनमें ईवा प्रो लाइफ, जीसस यूथ प्रो लाइफ, एमएफसी लाइव लाइफ, मद्रास सर्विस ऑफ कम्यूनियन, वाईयू4सी प्रो लाइफ और सीसीबीआई प्रो लाइफ एंड बायो एथिक्स कमीशन शामिल थे।
कार्यक्रम की तैयारियों में जमीनी स्तर पर एक महत्वपूर्ण पहल भी शामिल थी। पहली बार मद्रास-मायलापुर महाधर्मप्रांत ने प्रत्येक पल्ली में जीवन-समर्थक प्रकोष्ठ स्थापित किए, जिसमें पल्ली समुदायों को तैयारियों में शामिल किया गया और मानव जीवन की गरिमा तथा पवित्रता के संबंध में कलीसिया की शिक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया गया।
जीवन के लिए दौड़ में 1,700 लोगों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम की शुरुआत 8 अगस्त को मरीना बीच के पास आयोजित पांच किलोमीटर की मैराथन ‘जीवन के लिए दौड़’ के साथ हुई। 1,700 से अधिक लोगों ने इसमें हिस्सा लिया, जिससे शहर में जीवन-समर्थक अभियान को सार्वजनिक रूप से एक दृश्यमान उपस्थिति मिली।
बाद में उसी दिन मद्रास-मायलापुर के महाधर्माध्यक्ष और तमिलनाडु बिशप्स काउंसिल के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष जॉर्ज एंटनीसामी ने स्टेला मारिस कॉलेज में जीवन-समर्थक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
प्रदर्शनी में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों ने भाग लिया और उन्हें मानव जीवन की गरिमा तथा पवित्रता और ‘जीवन के सुसमाचार’ के प्रकाश में अंतरात्मा के निर्माण से संबंधित विषयों पर संवाद करने का अवसर मिला।
मद्रास-मायलापुर महाधर्मप्रांत के विभिन्न आयोगों ने दो दिवसीय कार्यक्रम के आयोजन में योगदान दिया।
युवाओं ने जीवन संगोष्ठी और मार्च में लिया हिस्सा
दूसरे दिन मुख्य सार्वजनिक सभा और मार्च से पहले महाधर्मप्रांत के विभिन्न हिस्सों से हजारों युवा जीवन संगोष्ठी के लिए एकत्र हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत स्तुति और आराधना के साथ हुई, जिसके बाद जीवन-समर्थक नाटिका और अजन्मे बच्चे की रिकॉर्ड की गई हृदय-धड़कन सुनाई गई। इसके बाद गणमान्य व्यक्तियों का आगमन और सम्मान, संबोधन, एक व्यक्तिगत गवाही और ‘अजन्मे बच्चों के स्मारक’ का अनावरण हुआ।
राष्ट्रीय जीवन मार्च को औपचारिक रूप से रवाना करने से पहले एक मिनट का मौन रखा गया।
मुख्य अतिथियों में हैदराबाद के महाधर्माध्यक्ष और सीबीसीआई के अध्यक्ष कार्डिनल एंटनी पूला; मद्रास-मायलापुर के महाधर्माध्यक्ष और तमिलनाडु बिशप्स काउंसिल के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष जॉर्ज एंटनीसामी; पांडिचेरी-कुड्डालोर के महाधर्माध्यक्ष, चारिस इंडिया के धर्माध्यक्षीय सलाहकार और सीबीसीआई के जीवन-समर्थक प्रभारी महाधर्माध्यक्ष फ्रांसिस कालिस्ट; तमिलनाडु विधान सभा के अध्यक्ष थिरु जे. सी. डी. प्रभाकर; और जीसस कॉल्स मंत्रालय के मुख्य नेता डॉ. पॉल दिनाकरन शामिल थे।
यह सभा मानवीय गरिमा को बनाए रखने और अजन्मे जीवन की रक्षा की वकालत करने के प्रति कैथोलिक कलीसिया की प्रतिबद्धता की सार्वजनिक अभिव्यक्ति बनी।
अजन्मे बच्चों की स्मृति में पवित्र मिस्सा अर्पित
मार्च का समापन महाधर्माध्यक्ष जॉर्ज एंटनीसामी की अध्यक्षता में पवित्र मिस्सा के साथ हुआ, जो भारत में गर्भपात के कारण अपना जीवन खो चुके अजन्मे बच्चों की स्मृति में अर्पित किया गया।
आयोजकों ने कहा कि इस सभा में उन 1.56 करोड़ से अधिक बच्चों को याद किया गया, जिनके बारे में अनुमान है कि वे देश में हर वर्ष गर्भपात के कारण अपना जीवन खो देते हैं।
धन्यवादी यूखरिस्तीय समारोह ने अजन्मे जीवन की स्मृति के साथ-साथ ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देने की नई प्रतिबद्धता को भी व्यक्त किया, जो हर मानव जीवन का स्वागत, संरक्षण और सम्मान करती है।
छठा राष्ट्रीय जीवन मार्च हैदराबाद में आयोजित होगा
दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन छठे राष्ट्रीय जीवन मार्च के बैनर को औपचारिक रूप से सौंपने के साथ हुआ, जिसकी मेजबानी हैदराबाद के महाधर्मप्रांत और तेलुगु कैथोलिक बिशप्स काउंसिल द्वारा की जाएगी।
ग्वाडालूप की हमारी माता की एक छवि, जिन्हें अजन्मे बच्चों और जीवन मार्च की संरक्षिका के रूप में सम्मानित किया जाता है, राष्ट्रीय जीवन मार्च के बैनर के साथ हैदराबाद के महाधर्माध्यक्ष और सीबीसीआई के अध्यक्ष कार्डिनल एंटनी पूला को सौंपी गई। इस अवसर पर हैदराबाद और तेलुगु कैथोलिक बिशप्स काउंसिल के प्रतिनिधि पुरोहित भी उपस्थित थे।
चेन्नई में आयोजित इस सभा का समापन पूरे भारत के कैथोलिकों और सद्भावना रखने वाले लोगों से मानवीय गरिमा की रक्षा करने और ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में कार्य करने का नया आह्वान करते हुए हुआ, जहां हर बच्चे का स्वागत हो और हर मानव जीवन सुरक्षित रहे।
कैथोलिक कनेक्ट संवाददाता
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