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झाबुआ धर्मप्रांत के रजत जयंती वर्ष का भावपूर्ण एवं ऐतिहासिक उद्घाटन

झाबुआ, 25 मार्च — विश्वास, समर्पण और सेवा की 25 वर्षों की अनमोल यात्रा को स्मरण करते हुए झाबुआ कैथोलिक धर्मप्रांत ने अपने रजत जयंती वर्ष का भव्य एवं भावपूर्ण उद्घाटन 25 मार्च को अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। यह वही पावन धरोहर है, जो इंदौर और उदयपुर धर्मप्रांत से स्थापित होकर आज हजारों जीवनों में आशा, शिक्षा और उपचार का प्रकाश बन चुकी है।


समारोह का वातावरण आध्यात्मिक आनंद और कृतज्ञता से भरा हुआ था। इस ऐतिहासिक अवसर पर झाबुआ धर्मप्रांत के प्रथम बिशप, परम आदरणीय बिशप चाको टी.जे. की गरिमामयी उपस्थिति ने सभी के हृदयों को भाव-विभोर कर दिया। उनके साथ वर्तमान बिशप पीटर रूमल खाराड़ी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस 25 वर्षों की यात्रा को ईश्वर की असीम कृपा और जन-समुदाय की निष्ठा का फल बताया।


इस अवसर पर धर्मप्रांत की स्थापना से लेकर आज तक के संघर्षों, त्यागों और आशीषों को गहराई से याद किया गया। विशेष रूप से उन सभी बिशपों, फादरों, सिस्टर्स, धर्मप्रचारकों और सामान्य विश्वासियों के अमूल्य योगदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया, जिन्होंने अपने जीवन को सेवा, प्रेम और सुसमाचार के प्रचार में समर्पित किया। उनकी अथक मेहनत और विश्वास ने इस क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक उत्थान के नए द्वार खोले हैं।


कार्यक्रम में उपस्थित फादरों, सिस्टर्स और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस क्षण को और भी जीवंत और यादगार बना दिया। हर चेहरे पर खुशी, हर हृदय में कृतज्ञता और हर प्रार्थना में भविष्य के लिए आशा झलक रही थी।


यह रजत जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि ईश्वर की अगुवाई में तय की गई उस यात्रा का उत्सव है, जिसने अंधकार में प्रकाश फैलाया, निराशा में आशा जगाई और टूटे हुए जीवनों को नया अर्थ दिया।

समारोह ने सभी को यह प्रेरणा दी कि आने वाले वर्षों में भी इसी विश्वास, एकता और प्रेम के साथ झाबुआ धर्मप्रांत सेवा के इस पवित्र मिशन को आगे बढ़ाता रहेगा, ताकि हर जरूरतमंद तक ईश्वर का प्रेम और करुणा पहुँच सके।


फादर मनीष डामोर द्वारा



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