- 28 May, 2026
मंगलुरु, 28 मई, 2026: हर उस लड़की के लिए जो बड़े सपने देखने का हौसला रखती है, निशेल फ्लोरा डी’अल्मेडा की कहानी एक प्रेरणा है। कोडियालबैल, मंगलुरु के सेंट अलोयसियस संस्थानों की पूर्व छात्रा निशेल अब भारतीय नौसेना में उप-लेफ्टिनेंट बन गई हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) की परीक्षा पास कर प्रशिक्षण पूरा किया और भारतीय नौसेना में नियुक्ति प्राप्त की।
उनकी इस सफलता से न सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरा मंगलुरु शहर गर्व महसूस कर रहा है। उनके सम्मान में शहर में खुशी का माहौल है।
पढ़ाई के साथ हर क्षेत्र में रहीं आगे
विद्यालय और महाविद्यालय के दिनों में निशेल को जानने वाले लोग उन्हें मेहनती, अनुशासित और प्रतिभाशाली छात्रा बताते हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने कला और खेलों में भी अपनी पहचान बनाई।
उन्होंने नेतृत्व कार्यक्रमों, नृत्य, संगीत, चित्रकला, कराटे, खेलकूद और मंच संचालन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। वह हर क्षेत्र में आगे रहने वाली छात्रा थीं। पढ़ाई के साथ उन्होंने राष्ट्रीय छात्र सेना का प्रशिक्षण भी लिया, जहां उनकी नेतृत्व क्षमता साफ दिखाई दी।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी अपने संस्थान की पहली लड़की बनना, जिसने प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर परेड में संस्थान का प्रतिनिधित्व किया। आज लोग मानते हैं कि वही उनके बड़े सफर की शुरुआत थी।
सपनों को बनाया देश सेवा का रास्ता
विद्यालय की पढ़ाई पूरी करने के बाद निशेल ने वैमानिकी अभियांत्रिकी की पढ़ाई की और अच्छे अंकों के साथ सफलता हासिल की। लेकिन उनका सपना इससे भी बड़ा था। उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन के साथ सेवा चयन बोर्ड की कठिन चयन प्रक्रिया की तैयारी की।
सेवा चयन बोर्ड की परीक्षा पास कर भारतीय नौसेना में अधिकारी बनना उनके वर्षों की मेहनत, त्याग और मजबूत इरादों का परिणाम है। आज उप-लेफ्टिनेंट निशेल फ्लोरा डी’अल्मेडा उन युवा भारतीय महिलाओं में शामिल हो गई हैं जो देश सेवा में नई मिसाल कायम कर रही हैं।
मंगलुरु करेगा अपनी बेटी का सम्मान
उनकी इस उपलब्धि के सम्मान में 29 मई को शाम 4 बजे एक नागरिक सम्मान और स्वागत जुलूस निकाला जाएगा। निशेल को कोंगोर मार्ग से उनके घर तक भव्य जुलूस के साथ ले जाया जाएगा। इस दौरान परिवार, मित्र, शिक्षक, शुभचिंतक और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे।
यह कार्यक्रम सिर्फ एक व्यक्ति की सफलता का उत्सव नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा भी है जो अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनीं निशेल
सेंट अलोयसियस की कक्षाओं से भारतीय नौसेना की वर्दी तक पहुंचने का निशेल का सफर दिखाता है कि मेहनत, अनुशासन और हिम्मत से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।
जब मंगलुरु अपनी इस बेटी का सम्मान करने की तैयारी कर रहा है, तब निशेल फ्लोरा डी’अल्मेडा की सफलता हर युवा को यह संदेश देती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई मंजिल दूर नहीं होती।
सौजन्य: दैजीवर्ल्ड मीडिया नेटवर्क - मंगलुरु
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