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राजस्थान: प्रार्थना सभा मामले में गिरफ्तार कैथोलिकों की जमानत दूसरी बार भी खारिज

20 मई, 2026: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक कैथोलिक प्रार्थना सभा को धर्म परिवर्तन के आरोप लगाकर रोके जाने के तीन हफ्ते बाद, घटना के बाद गिरफ्तार किए गए लोगों को कथित तौर पर दो बार जमानत नहीं मिली है। इससे स्थानीय कैथोलिक समुदाय में चिंता बढ़ गई है।


यह घटना 1 मई को कुशलगढ़ तहसील के बंदारिया पैरिश के कालिंजरा गांव में हुई। यहां करीब 70 कैथोलिक नोवेना प्रार्थना और यूखरिस्त समारोह के लिए इकट्ठा हुए थे। पैरिश पुरोहित फादर अरविंद अमलियार के अनुसार, प्रार्थना के दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे, लोगों पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया और कथित तौर पर वहां मौजूद लोगों को डराया-धमकाया, जिसके बाद विवाद हो गया।


कैथोलिक कनेक्ट से बात करते हुए फादर अरविंद अमलियार ने कहा कि इस मामले में फिलहाल नौ ईसाई जेल में हैं।


पुरोहित ने कहा, “पहली जमानत याचिका 5 मई को निचली अदालत में दायर की गई थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया।” उन्होंने बताया कि इसके बाद 6 मई को ऊपरी अदालत में दूसरी जमानत याचिका दायर की गई।


उन्होंने कहा, “मामले पर फैसला 11 मई तक टाल दिया गया था। उस दिन ऊपरी अदालत में फिर से बहस हुई और आदेश को एक बार फिर अगले दिन यानी 12 मई तक सुरक्षित रख लिया गया।”


पुरोहित के अनुसार, फैसला आखिरकार आरोपित ईसाइयों के पक्ष में नहीं गया। फादर अमलियार ने कहा, “इसलिए हमने हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की है और तारीख का इंतजार कर रहे हैं।”


घटना के समय पुरोहित ने आरोप लगाया था कि प्रार्थना सभा में आए लोगों ने गाली-गलौज की, महिलाओं को परेशान किया और उनके पास बड़ा चाकू भी था, जिससे वहां मौजूद लोगों में डर फैल गया। उन्होंने यह भी कहा था कि कई कोशिशों के बावजूद पुलिस ने कैथोलिक समुदाय की एफआईआर दर्ज नहीं की और इसके बजाय दूसरे पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई की।


घटना के बाद पुलिस ने स्थानीय कैथोलिकों को हिरासत में लिया था। इनमें एक रिटायर्ड प्रिंसिपल और गांव के कई युवा शामिल थे।


आरोपितों के लगातार जेल में रहने से सिर्फ राजस्थान के स्थानीय विश्वासियों ही नहीं, बल्कि देशभर के ईसाई समुदायों में भी चिंता बढ़ गई है। यह चिंता प्रार्थना सभा के दौरान हुए विवाद के कई हफ्तों बाद भी बनी हुई है।


इस मामले ने देशभर में बढ़ रही उन चिंताओं को भी फिर से सामने ला दिया है, जिनमें प्रार्थना सभाओं और धार्मिक आयोजनों को जबरन धर्म परिवर्तन के झूठे आरोपों से जोड़ा जा रहा है।


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द्वारा कैथोलिक कनेक्ट रिपोर्टर

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