image

सत्र शुरू होने से पहले निजी स्कूल बढ़ा सकेंगे फीस: दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली, 25 मई, 2026: दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि राजधानी के निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले फीस बढ़ा सकते हैं। इसके लिए उन्हें शिक्षा निदेशालय (डीओई) से पहले अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी, अगर नई फीस सत्र शुरू होने से पहले घोषित कर दी जाए।


जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने अपने फैसले में कहा कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 17(3) के तहत स्कूलों को शैक्षणिक वर्ष शुरू होने से पहले फीस बढ़ाने के लिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। अदालत ने साफ किया कि अनुमति सिर्फ तब जरूरी होगी, जब कोई स्कूल बीच सत्र में फीस बढ़ाना चाहे।


अदालत ने कहा कि डीओई का काम सिर्फ यह देखना है कि स्कूल ज्यादा मुनाफा कमाने, शिक्षा का व्यवसायीकरण करने या अतिरिक्त फीस वसूलने जैसे काम न करें। अदालत ने कहा कि डीओई निजी स्कूलों के रोजमर्रा के आर्थिक कामकाज में दखल नहीं दे सकता।


यह फैसला दिल्ली पब्लिक स्कूल, वसंत कुंज समेत कई निजी स्कूलों की याचिकाओं पर आया। इन स्कूलों ने डीओई के उन आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें फीस बढ़ाने के प्रस्तावों को खारिज कर दिया गया था।


अदालत ने स्कूलों की इस बात को माना कि कानून के तहत उन्हें आर्थिक फैसले लेने की आजादी है। अदालत ने यह भी कहा कि सिर्फ स्कूल के पास अतिरिक्त पैसा होने से यह नहीं माना जा सकता कि वह मुनाफाखोरी कर रहा है। इसके लिए सही वित्तीय जांच जरूरी है।


फैसले में कहा गया कि भविष्य के विकास के लिए कुछ बचत रखना गलत नहीं है। सिर्फ इसी आधार पर फीस बढ़ाने के प्रस्तावों को खारिज नहीं किया जा सकता।


हाई कोर्ट ने डीओई के उन सभी आदेशों को रद्द कर दिया, जिनमें सत्र शुरू होने से पहले दिए गए फीस बढ़ाने के प्रस्तावों को खारिज किया गया था। अदालत ने उन लंबित प्रस्तावों को भी बंद कर दिया, जिन्हें इस वजह से रोका गया था कि पहले अनुमति जरूरी है।


हालांकि, अदालत ने स्कूलों को पिछले वर्षों की बढ़ी हुई फीस वसूलने की अनुमति नहीं दी। अदालत ने कहा कि इससे छात्रों और अभिभावकों पर ज्यादा बोझ पड़ेगा। अदालत ने साफ किया कि नई फीस बढ़ोतरी अप्रैल 2027 से शुरू होने वाले अगले शैक्षणिक सत्र से ही लागू होगी और पुरानी फीस नहीं वसूली जाएगी।


स्रोत: बार एंड बेंच

© 2026 CATHOLIC CONNECT POWERED BY ATCONLINE LLP