- 09 April, 2026
भोपाल, अप्रैल 9, 2026: करुणा और सेवा का एक सुंदर उदाहरण बनकर उभरी देवाहारम पहल ने 2,000 दिनों की लगातार सेवा पूरी कर ली है। यह पहल द भोपाल स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज कॉलेज द्वारा चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य भूखों को भोजन देना और समाज के वंचित लोगों तक पहुँचना है।
माथर टेरेसा के शब्दों से प्रेरित, “हम कितना देते हैं यह मायने नहीं रखता, बल्कि हम कितने प्रेम से देते हैं यह महत्वपूर्ण है,” यह पहल इंसानियत और सम्मान के मूल्यों को आगे बढ़ाती है। फादर जॉन पीजे के नेतृत्व में यह सेवा करुणा और प्रेम पर आधारित है।
इस पहल के तहत हर सुबह स्टाफ और छात्र मिलकर भोजन तैयार करते हैं और बाँटते हैं। 300 से अधिक नाश्ते के पैकेट नियमित रूप से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के मरीजों के देखभाल करने वालों को दिए जाते हैं, जिससे उनकी एक बड़ी जरूरत पूरी होती है।
यह पहल सिर्फ भोजन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के साथ सम्मान और समानता से पेश आने पर भी जोर देती है। 2,000 दिनों का यह सफर लगातार सेवा, संस्थान की मजबूत प्रतिबद्धता, और छात्रों व स्टाफ की भागीदारी को दर्शाता है। साथ ही, इसमें सहयोग देने वाले लोगों की संख्या भी समय के साथ बढ़ी है।
संस्थान की एक बेहतरीन पहल मानी जाने वाली देवाहारम, बीएसएसएस परिवार की सेवा और एकता के प्रति समर्पण को दिखाती है।
यह उपलब्धि सभी सहयोगियों और भाग लेने वालों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर भी है, और समाज की सेवा जारी रखने के संकल्प को मजबूत करती है।
देवाहारम यह दिखाता है कि एक छोटा सा काम, जैसे किसी के साथ भोजन साझा करना, भी प्रेम और मानवता का बड़ा संदेश दे सकता है।
कैथोलिक कनेक्ट रिपोर्टर द्वारा
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