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जशपुर धर्मप्रान्त में जुबिली समापन की घोषणा

कुनकुरी, 28 दिसंबर 2025: बड़े हर्षोल्लास के साथ धर्मप्रान्त के सभी पल्ली से लगभग 5000 विश्वासीगण कुनकुरी महागिरजा के प्रांगण में आकर ख्रीस्त जयंती 2025 जुबिली वर्ष समापन के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। जुबिली वर्ष का आदर्श वाक्य " आशा के तीर्थयात्री" था। कार्यक्रम की शुरुआत धर्मप्रान्त के करिश्माई दल आराधना प्रार्थना से हुई । करिश्माई प्रार्थना दल के प्रभारी श्रद्धेय फा प्रदीप एक्का हैं। उसके बाद "आशा के तीर्थयात्री" पर श्रद्धेय फा इग्नस एक्का ने प्रकाश डाला। उन्होंने आशा की महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आशा कभी निराश नहीं करती है। आशा स्वयं येसु ख्रीस्त हैं। ख्रीस्त हमें अपना शरीर को देकर पोषित करते हैं। इसके बाद पवित्र मिस्सा बलिदान का अनुष्ठान किया गया जिसके मुख्य अनुष्ठाता अति माननीय बिशप स्वामी इमानुएल केरकेट्टा जशपुर धर्मप्रान्त रहे। साथ ही सह अनुष्ठाता के रूप में श्रद्धेय फा मुक्ति प्रकाश मिंज विकार जेनरल एवं श्रद्धेय फा सरत नायक मुसगुरी डिनरी के डीन रहे। स्वामी जी ने अपने उपदेश में परिवार की महत्व को ध्यान में रखते हुए सभी विश्वासियों को अपने परिवार के लिए अच्छा नमूना पेश करने के लिए आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी को अपने परम्परा को जानने एवं आने वाली पीढ़ियों को सिखाने की आवश्यकता है। पवित्र मिस्सा बलिदान के दौरान सुन्दर गीतों के माध्यम से समारोह को और अधिक प्रार्थनामय बनाया गया। गीत संचालन श्रद्धेय फा कंचन तिर्की की अगुवाई में गिनाबहार डिनरी के विश्वासीगण द्वारा किया गया। धर्मप्रान्त से कई पुरोहित एवं धर्मबहनें शामिल हुए। कार्यक्रम में श्रद्धेय फा विराज खलखो ने उद्बोधन का कार्य सम्पन्न किया। श्रद्धेय फा अंजलूस मिंज ने स्टेज संचालन का कार्य सम्पन्न किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी डिनरी को अलग अलग कार्यभार सौंपा गया था। सबों ने अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह निभाया और कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बनाया। मिस्सा बलिदान के बाद जुबली झंडा को सहसम्मान माननीय बिशप के द्वारा उतारा गया और पल्ली पुरोहित श्रद्धेय फा सुनील कुजूर को सौंपा गया। अंत में श्रद्धेय फा फुलसाय कुजूर जुबिली समन्वयक के द्वारा सभी को धन्यवाद दिया गया। 

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